Uttar Pradesh government banner illustrating dairy farming support scheme with cows, farmers, and dairy processing units.

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए “मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना” को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। यदि आप 2026 में इस योजना से जुड़कर लाभ उठाना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य बेसहारा गोवंश को सड़कों से हटाकर उन्हें इच्छुक किसानों और पशुपालकों की देखरेख में सौंपना है, ताकि पशुओं को उचित पोषण मिल सके और पशुपालकों को आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • आर्थिक सहायता: सरकार द्वारा प्रत्येक गोवंश के भरण-पोषण के लिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ₹900 प्रति माह की दर से धनराशि हस्तांतरित की जाती है।
  • लाभार्थी: प्रदेश का कोई भी इच्छुक किसान या पशुपालक जिसके पास गोवंश रखने की पर्याप्त जगह है, वह इस योजना का लाभ उठा सकता है।
  • गोवंश का चयन: पशुपालक संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से चिन्हित गोवंश को गोद ले सकते हैं।

आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के लिए आप निम्नलिखित प्रक्रिया अपना सकते हैं:

  1. निकटतम पशु चिकित्सालय: अपने क्षेत्र के नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क करें।
  2. आवश्यक दस्तावेज: आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, निवास प्रमाण पत्र और गोशाला की फोटो (यदि उपलब्ध हो) आवश्यक है।
  3. ऑनलाइन प्रक्रिया: आप उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम दिशा-निर्देश देख सकते हैं।

महत्वपूर्ण लिंक

योजना के बारे में अधिकृत जानकारी और आवेदन फॉर्म के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक लिंक पर क्लिक करें:

उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट

ध्यान देने योग्य बातें

  • पशुपालक को गोवंश को पूरी तरह स्वस्थ रखना होगा और उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण में सहयोग करना होगा।
  • योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को ही मिलता है।
  • समय-समय पर जिला स्तर पर इसकी निगरानी की जाती है।

यदि आप एक पशुपालक हैं या पशुपालन को व्यवसाय बनाना चाहते हैं, तो यह योजना न केवल सरकार से वित्तीय मदद पाने का साधन है, बल्कि गौ-सेवा का एक पुण्य कार्य भी है।

योजनाओं का संक्षिप्त विवरण (Quick Reference)

यदि आप लेख या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए जानकारी जुटा रहे हैं, तो ये मुख्य बिंदु आपके काम आएंगे:

  1. मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना:
    • लाभ: गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर नस्ल की 2 गायों की इकाई पर 40% अनुदान (अधिकतम ₹80,000)
    • विशेषता: महिला पशुपालकों के लिए 50% सीटें आरक्षित।
  2. नन्दनी कृषक समृद्धि योजना:
    • लाभ: बड़े पैमाने पर डेयरी शुरू करने के लिए 25 गायों की इकाई पर भारी सब्सिडी (50% तक)।
  3. मुख्यमंत्री सहभागिता योजना:
    • लाभ: निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए ₹1,500 प्रतिमाह प्रति गोवंश की सहायता।
  4. मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना:
    • लाभ: दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर प्रति गाय ₹10,000 से ₹15,000 का प्रोत्साहन।

महत्वपूर्ण सुझाव:

  • आधिकारिक वेबसाइट: आवेदन के लिए nandbabadugdhmission.up.gov.in का ही उपयोग करें।
  • पात्रता: आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • पारदर्शिता: चयन की प्रक्रिया अक्सर ई-लॉटरी (E-Lottery) के माध्यम से होती है, इसलिए हमेशा अपडेट्स चेक करते रहें।